उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन से सड़कें बंद, पुल भी टूटे, चार की मौत

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हल्द्वानी। अनीता रावत

उत्तराखंड में लगतार हो रही बारिश और भूस्खलन से चार लोगों की मौत हो गई। वहीं बद्रीनाथ, गंगोत्री हाइवे समेत राज्य की डेढ़ सौ से ज्यादा सड़कें भूस्खलन और चट्टानों के खिसकने से बंद हो गईं। उधर, देहरादून और ऋषिकेश को जोड़ने वाला रानीपोखरी पुल ध्वस्त हो गया। मौसम विभाग ने भी राज्य में नैनीताल, चम्पावत, बागेश्वर व पिथौरागढ़ जिलों के लिए शनिवार को कहीं कहीं तीव्र बौछार व भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के अधिकतर स्थानों में 29 तक भारी बारिश, भूस्खलन, चट्टान खिसकने, नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभवना है।


मिली जानकारी के अनुसार पिथौरागढ़ जिले के धारचूला तहसील में शुक्रवार को भूस्खलन की चपेट में आकर ग्रिफ के एक मजदूर समेत तीन लोगों की मौत हो गई है। जबकि, देहरादून के विकासनगर में भी मलबे की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। वहीं ऋषिकेश-बदरीनाथ पर लगातार बोल्डर और मलबा गिरने की स्थिति को देखते हुये जिला प्रशासन ने शुक्रवार को तपोवन से मलेथा तक वाहनों की आवाजाही प्रतिबन्धित कर दी है। उधर, फकोट के पास भी सड़क ध्वस्त हो जाने से गंगोत्री हाइवे पर भी आवाजाही बंद हो गई। वहीं ऋषिकेश-देहरादून हाईवे पर रानीपोखरी में जाखन नदी पर बने पुल का बड़ा हिस्सा भरभरा कर ढह गया। पुल ढहने से दो छोटे मालवाहक वाहन और एक कार नीचे गिर गई। गनीमत रही की पुल की ऊंचाई कम होने के कारण जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। वाहनों में सवार दो घायलों को सरकारी अस्पताल ऋषिकेश में भर्ती किया गया है। मसूरी-देहरादून हाईवे गुरुवार रात नौ बजे से शुक्रवार सुबह दस बजे तक 13 घंटे बंद रहा। ग्लोगी धार के पास भूस्खलन से सड़क बंद होने के कारण रातभर वाहन फंसे रहे। यहां करीब पांच किमी लंबा जाम लग गया। शुक्रवार को भी दिनभर कई बार मलबा आने से मार्ग बंद होता रहा। बारिश के चलते पर्यटक स्थल कैंपटी फॉल का जलस्तर भी बढ़ गया है। कैंपटी थाना अध्यक्ष नवीन चंद्र ने बताया कि, फॉल के आसपास किसी को भी जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

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