अफगानिस्तान में भारतीय पत्रकार तालिबानी गोलीबारी में मारे गए

अंतरराष्ट्रीय

काबुल।
अफगानिस्तान के कंधार में भारतीय फोटो पत्रकार शुक्रवार को अफगान सैनिकों और तालिबान आतंकवादियों के बीच भीषण लड़ाई की कवरेज करने के दौरान मारे गए। पुलित्जर पुरस्कार विजेता भारतीय फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी अशांत कंधार क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से झड़पों की कवरेज कर रहे थे। 40 साल के दानिश समाचार एजेंसी रॉयटर के लिए काम कर रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार अफगान विशेष बल कंधार प्रांत के पास स्पिन बोलदाक के मुख्य बाजार इलाके को अपने नियंत्रण में करने के लिए जारी संघर्ष के दौरान दानिश सिद्दीकी और एक वरिष्ठ अफगान अधिकारी की गोली लगने से मौत हो गई। कंधार प्रांत में पाकिस्तान से लगे एक बार्डर क्रॉसिंग के पास तालिबान की ओर से चली गोली की चपेट में दोनों आ गए थे। रॉयटर के प्रमुख एम फ्रेडेनबर्ग और प्रधान संपादक एलेस्सांद्रा गलोनी ने एक बयान में कहा, हमारे फोटोग्राफर दानिश सिद्दीकी के अफगानिस्तान में मारे जाने की खबर सुनकर हम बहुत दुखी हैं। वह कंधार प्रांत में अफगान विशेष बलों के सुरक्षा घेरे में थे, तभी शुक्रवार सुबह उन पर हमला हो गया। भारत में अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मामुनदाजे ने शुक्रवार को ट्वीट किया, गुरुवार की रात कंधार में मेरे मित्र दानिश सिद्दीकी के मारे जाने की खबर सुनकर बहुत दुख पहुंचा। पुलित्जर पुरस्कार विजेता भारतीय पत्रकार अफगान सुरक्षा बलों के साथ वहां पर थे। मामुनदाजे ने लिखा, दो हफ्ते पहले उनके काबुल के लिए प्रस्थान करने से पहले मेरी उनसे मुलाकात हुई थी। वहीं फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी का शव तालिबान ने अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस समिति (आईसीआरसी) को सौंप दिया है। गौरतलब है कि दानिश ने दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया से अर्थशास्त्र में स्नातक और एजेके मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की थी। वह साल 2010 में समाचार एजेंसी रॉयटर से जुड़े थे और इसी के लिए अफगान बलों और तालिबान के आतंकवादियों के बीच कंधार में हो रही भीषण लड़ाई की कवरेज कर रहे थे।

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