नीदरलैंड्स की हॉकी टीम की कमजोर नब्ज तलाश रही भारतीय टीम

स्पोर्ट्स

राउरकेला। कप्तान हरमनप्रीत सिंह की स्टिक ने तो कमाल किया पर अन्य खिलाड़ी अब तक एफआईएच प्रो लीग में आशा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। भले ही भारतीय हॉकी टीम ने पांच में से चार मुकाबले जीते हैं लेकिन इसके लिए उसे कड़ी मशक्कत करनी पड़ी है। खासकर आयरलैंड जैसी टीम ने उसे नाकों चने चबा दिए। भारतीय टीम को बुधवार को अगर दुनिया की नंबर एक टीम नीदरलैड्स का किला भेदना है तो पेनाल्टी कॉर्नर के साथ ही फील्ड गोल भी दागने होंगे।
शूटआउट में जीते पिछला मैच : भारत ने नीदरलैंड्स को पिछले मुकाबले में शूटआउट में हराया था। स्पेन को भी मंगलवार को शूटआउट में मात देकर बोनस अंक भी हासिल किए। इन दोनों मुकाबलों में गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने किला बचाया। आयरलैंड के खिलाफ तो अंतिम मिनट में गुरजंत सिंह ने गोल कर जीत दिलाई। टीम को अब तक एकमात्र हार ऑस्ट्रेलिया से मिली है।
हरमन को चाहिए साथ : दुनिया की तीसरे नंबर की भारतीय टीम को नीदरलैंड्स के खिलाफ नियमित समय में जीत दर्ज करके तीन अंक जुटाने हैं तो अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। अन्य साथियों को कप्तान हरमन का साथ देना होगा। उपकप्तान हार्दिक सिंह के साथ ही मनजीत सिंह और मनप्रीत को भी मिले मौकों को भुनाना होगा। पिछले तीन मुकाबले में प्रदर्शन भले ही उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा हो लेकिन उप कप्तान हार्दिक सिंह ने कहा है कि दुनिया की नंबर एक टीम के खिलाफ मुकाबले से पहले टीम का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है।

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