विश्व सनातन संसद का शंकराचार्य ने किया शिलान्यास

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प्रयागराज। टीएलआई

शिव शक्ति धाम डासना में रविवार को श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती ने विश्व सनातन संसद का शिलान्यास किया। इस मौके पर आयोजित राष्ट्रीय सर्व धर्म अधिवेशन में शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती ने कहा कि लव जेहाद सिर्फ सनातन धर्म के लिए ही नहीं बिल्क सभी धर्मों के लिए घातक है। कार्यक्रम में कई धर्मों के धर्माचार्य मौजूद थे।


शंकराचार्य के सचिव स्वामी बृजभूषण दास महाराज ने बताया कि शिव शक्ति धाम डासना, गाजियाबाद के परिसर में “विश्व सनातन संसद” का शिलान्यास श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। शिलान्यास कार्यक्रम के बाद शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती की अध्यक्षता में दो दिवसीय “राष्ट्रीय सर्व धर्म अधिवेशन” का भी शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती ने कहा कि आज रेडिकल इस्लामिक जिहाद से पूरे विश्व की मानवता को खतरा पैदा हो गया है। इससे केवल सनातन धर्म ही नहीं, अपितु समस्त अन्य धर्मों के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। यदि समय रहते सभी ने मिलकर इसका प्रतिकार नहीं किया तो 10-15 वर्षों में भारत समेत पूरा विश्व संकट में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि गैर इस्लामिक विचारधारा के लोगों को संगठित होकर रेडिकल इस्लामिक जिहाद के विरुद्ध खड़ा होना होगा। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि हिन्दुओं के पास मोबाइल होते हैं, लेकिन सुरक्षा के लिए लाठी तक नहीं होती। उन्होंने कहा कि अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक हिन्दू के पास कोई न कोई अस्त्र-शस्त्र होना ही चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में बच्चों को प्राथमिक सैन्य प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

अधिवेशन में सबसे पहले यति नरसिंहानन्द सरस्वती ने विस्तार से रेडिकल इस्लामिक जिहाद की गुप्त योजना और उसके दुष्परिणाम पर अपने विचार रखे। पूरे देश के गैर इस्लामिक (हिन्दू, जैन, सिख, यहूदी, इसाई इत्यादि) धर्माचार्यों की सहभागिता रही, जिसमे पूज्य शंकराचार्य भगवान के सहित सनातन हिन्दू धर्म से स्वामी दीपांकर महाराज, आध्यात्मिक गुरू पवन सिन्हा, जैन धर्म के आचार्य डा० लोकेश जी, डा० ए के मर्चेण्ट, इसाई धर्म गुरू टीटू पीटर, कन्याकुमारी से कैप्टन एम शिवा, श्री रवि प्रकाश शर्मा, जैन धर्म के सरदार ओंकार सिंह नरूला सहित अनेकों धर्माचार्यों ने अपने विचार प्रस्तुत किये। पूरे कार्यक्रम का संचालन वीर चक्र विजेता कर्नल टी पी त्यागी जी ने किया।

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